कल रामनवमी है। अर्थात प्रभु श्री राम का जन्म। कुछ दुर्लभ संयोग
कल रामनवमी है। अर्थात प्रभु श्री राम का जन्म। कुछ दुर्लभ संयोग
इस शुभ दिन आइए एक शुभ व्रत लें। देवी महागौरी जयघोष से आठवां नवरात्र संपन्न हुआ, आठ दिवसीय पर्व के नवरात्र व्रत की व्यस्तता से निकल कर, अब नकारात्मक तत्वों से रक्षा सामाजिक संकल्प का व्रत लें।
चैत्र नवरात्र के नौवें दिन, देश के कई भागों में रामनवमी पर भगवान श्रीराम जन्मोत्सव का त्योहार बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। हिंदू धर्म में तो श्रीरामनवमी का एक विशेष महत्व है। भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव तो वैसे ही अति शुभ समय होता है, किन्तु बार इस शुभ दिन कुछ और दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। यह विशेष योग जो शुभ तत्व को कई गुना वृद्धि प्रदान वाले हैं।

रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य मिलता है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। इसीलिए इस दिन पूरे समय पवित्र मुहूर्त होता है। इस दिन नए घर, दुकान या प्रतिष्ठान में प्रवेश किया जा सकता है। किसी भी प्रकार का क्रय, गृहप्रवेश और शुभ कार्यों के लिए यह विशेष संयोग लाभकारी माना गया है।
राम नवमी के दिन उपवास के पश्चात भक्तों को भगवान श्रीराम जी की पूजा-अर्चना करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और दान देना चाहिए। भगवान श्रीराम की पूजा अर्चना करने से कृपा बनी रहेगी और घर में धन-समृद्धि की वृद्धि भी होगी।
नकारात्मक भांड मीडिया जो असामाजिक तत्वों का महिमामंडन करे,
उसका सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प, ले कर करे;
प्रेरक राष्ट्र नायको का यशगान -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS - तिलक संपादक
कभी विश्व गुरु रहे भारत की, धर्म संस्कृति की पताका;
विश्व के कल्याण हेतू पुनः नभ में फहराये | - तिलकhttp://samaajdarpan.blogspot.in/2016/04/blog-post_14.html
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